अयोध्या में राज्य सरकार द्वारा दी गई पांच एकड़ जमीन पर मस्जिद निर्माण के लिए ट्रस्ट का ऐलान होली के बाद होगा। उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष जुफर फारुकी ने गुरुवार को बोर्ड की बैठक बाद यह जानकारी दी। वहीं, दूसरी तरफ सुप्रीम कोर्ट में मस्जिद के पक्षकार रहे इकबाल अंसारी ने वक्फ बोर्ड की बैठक पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि मस्जिद निर्माण से जुड़ी वक्फ की बैठकों में पक्षकारों को नहीं बुलाया गया। अंसारी ने यह भी कहा कि अयोध्या के रौनाही में मस्जिद न बनवाई जाए। वहां 22 मस्जिदें पहले से हैं। नई मस्जिद की जरूरत नहीं है। सरकार ने खेती की जमीन दी है तो उस पर अनाज उगाया जाए, जिसे भगवान राम और अल्लाह के नाम गरीबों को बांटा जाए।
70 सालों तक बाबरी मस्जिद की लड़ाई लड़ी: अंसारी
इकबाल अंसारी ने कहा- हम लोगों ने देश में हिन्दू-मुस्लिम के भाईचारे का संदेश दिया है। पूरे देश ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान किया। हम चाहते हैं कि रौनाही में ट्रस्ट मस्जिद नहीं बनाए। 70 सालों तक बाबरी मस्जिद की लड़ाई लड़ी। मेरे मरहूम पिता हाशिम अंसारी साइकिल से जाकर मुकदमा लड़ते थे। लेकिन अयोध्या के पक्षकारों को पूछा नही जा रहा। 70 वर्षो तक लड़ने वाले पक्षकारों को वक्फ बोर्ड द्वारा नजरअंदाज करना ठीक नहीं है।
वक्फ बोर्ड की गुरुवार को हुई बैठक में अयोध्या की बात नहीं
सुन्नी वक्फ बोर्ड ने गुरुवार को बैठक बुलाई थी। अध्यक्ष फारुकी ने कहा- आज की बैठक हर माह होने वाली नियमित बैठक है। इसका एजेंडा अयोध्या मामला नहीं है। जहां तक मस्जिद निर्माण को लेकर ट्रस्ट गठन की बात है तो उसका ऐलान होली बाद किया जाएगा। हालांकि, वक्फ बोर्ड से जुड़े सूत्रों का कहना है कि सभी सदस्यों के बैठक में मौजूद नहीं होने के कारण अयोध्या मसले को टाल दिया गया।
अयोध्या के सामाजिक कार्यकर्ता को भी मिल सकती है मस्जिद ट्रस्ट में जगह
वक्फ बोर्ड के सूत्रों का कहना है कि ट्रस्ट में कुल 10 सदस्य शामिल किए जा सकते हैं। इनमें कुछ सदस्य बोर्ड से और एक सदस्य सरकार की तरफ से भी शामिल होगा। चर्चा है कि बोर्ड के अध्यक्ष जुफर फारुकी को ही इस ट्रस्ट का पदेन अध्यक्ष बनाया जाएगा। इसके साथ ही, ट्रस्ट में कानूनी मामलों के जानकार, अयोध्या के किसी सामाजिक कार्यकर्ता को भी जगह मिल सकती है। फारुकी ने कहा था कि अयोध्या में इंडो-इस्लामिक कल्चर सेंटर स्थापित किया जाएगा। इसके लिए इंडो-इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन के नाम से ट्रस्ट गठित किया जाएगा।
यूपी सरकार ने जमीन दी थी
राम जन्मभूमि मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद 5 फरवरी को अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए 'श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट' का गठन किया गया था। उसी दिन उत्तर प्रदेश सरकार ने अयोध्या के रौनाही में धन्नीपुर गांव में सुन्नी वक्फ बोर्ड को मस्जिद के लिए 5 एकड़ जमीन आवंटित की थी। बीते 24 फरवरी को बोर्ड ने सरकार द्वारा दी गई 5 एकड़ जमीन को स्वीकार किया था। चर्चा ये भी है कि सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जमीन पर बोर्ड मस्जिद नहीं बनाएगा। मस्जिद के लिए बोर्ड नई जमीन खरीद सकता है।