किफायती विमान सेवा कंपनी स्पाइसजेट कोरोना वायरस 'कोविड-19' के कारण उत्पन्न संकट के मद्देनजर कर्मचारियों के वेतन में 10 से 30 फीसदी की कटौती करेगी तथा साथ ही कर्मचारियों को महीने के अंतिम सात दिन का वेतन नहीं दिया जाएगा। कंपनी ने आज मंगलवार को बताया कि वह अपने शीर्ष तथा मध्य स्तर के कर्मचारयों के मार्च महीने के वेतन में 10 से 30 प्रतिशत की कटौती करेगी। निचले स्तर के कर्मचारियों के वेतन में कोई कटौती नहीं की जाएगी।
वेतन में सबसे ज्यादा 30 फीसदी की कटौती की गई
एयरलाइन के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक अजय सिंह के वेतन में सबसे ज्यादा 30 फीसदी की कटौती की गई है। एयरलाइन ने कहा है कि लॉकडाउन के दौरान यानी 25 से 31 मार्च तक जिन कर्मचारियों को काम पर नहीं बुलाया गया है उन्हें वेतन-रहित अवकाश दिया गया है। इसमें निचले स्तर के कर्मचारी भी शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि 25 मार्च से देश में घरेलू तथा अंतरराष्ट्रीय यात्री उड़ानों का नियमित परिचालन पूरी तरह बंद है। सिर्फ कार्गों और विशेष उड़ानों का ही परिचालन हो रहा है। इन उड़ानों के परिचालन और संबंधित सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों को ही 25 से 31 मार्च की अवधि का वेतन मिलेगा। सिंह ने कहा कि कोविड-19 के कारण वैश्विक स्तर पर सभी विमान सेवा कंपनियां प्रभावित हुई हैं। मुश्किल की यह घड़ी बीत जाएगी।
गो एयर और इंडिगो भी करेगी कर्मचारियों के वेतन में कटौती
बता दें कि हवाई सेवा प्रदाता कंपनी गो एयर ने अपने कर्मचारियों के वेतन में कटौती का निर्णय लिया था। कंपनी का कहना था कि वह मार्च महीने में अपने सभी कर्मचारियों के वेतन में कटौती करेगी। गो एयर के सीईओ विनय दुबे ने एक आधिकारिक बयान में कहा था कि मौजूदा हालात को देखते हुए दूसरा कोई विकल्प नहीं है। ऐसे में मार्च महीने के लिए सभी कर्मचारियों के वेतन में कटौती की जाएगी। हालांकि उन्होंने अपने बयान में यह भी कहा कि कंपनी इस बात का ख्याल रखेगी कि कम सैलरी पाने वाले कर्मचारियों को सबसे कम नुकसान हो। वहीं, इंडिगो के सीईओ रंजय दत्ता ने भी कंपनी के वरिष्ठ कर्मचारियों की सैलरी में 25 फीसदी तक की कटौती की बात कही है।
एयरइंडिया कर चुकी है कर्मचारियों के भत्तों में कटौती करने की घोषणा
आपको बता दें कि सरकारी एयरलाइंस कंपनी एयर इंडिया ने भी अपने कर्मचारियों के भत्तों में कटौती करने की घोषणा कर चुकी है। एयर इंडिया को घरेलू उड़ानें सस्पेंड रहने की अवधि में प्रतिदिन 30-35 करोड रुपए के नुकसान हो रहा है।